10+ Hindi Short Moral Stories || Hindi Short Story

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Hindi Short Moral Story 

Hindi Moral Short Story


1 पड़ोसन का बर्तन


एक बार एक औरत ने अपनी पड़ोसन से एक बर्तन उधार मांगा और दूसरे दिन उसने एक अन्य छोटे से बर्तन के साथ वह बर्तन वापस कर दिया । पड़ोसन को आश्चर्य हुआ उसने उससे पूछा कि , वह छोटा बर्तन कहां से आया  ? औरत ने जवाब दिया – तुम्हारे बड़े बर्तन ने छोटे बर्तन को जन्म दिया है । उस औरत ने सोचा कि उसकी पड़ोसन का दिमाग घूम गया है , उसने उसे कुछ नहीं कहा । क्योंकि वह एक और बर्तन पाकर बहुत खुश थी । 


                                  कुछ दिनों बाद पड़ोसन बर्तन फिर उधर मांगा । मगर इस बार उसने बर्तन अपनी पड़ोसन को वापस नहीं किया । सहेली के बर्तन वापस मांगने पर उसने कहा –  बर्तन  ! तुम्हारा बर्तन मर गया है । पड़ोसन ने हंसकर उससे पूछा कि बर्तन कैसे मर सकता है ? इस पर उस औरत ने बड़ी चतुराई से कहा – अगर तुम्हारा बर्तन , दूसरे बर्तन को जन्म दे सकता है तो , मर भी सकता है । यह सुनकर पड़ोसन दंग रह गई । मगर अब उस पड़ोसन के पास बर्तन को खो देने के अलावा कोई दूसरा चुनाव नहीं था । 


                                  अनेकों बार हम छोटे से लाभ के लिए अपने आप को मुसीबतों में डाल लेते हैं । अतः हमें तात्कालिक लाभ नहीं देखते हुए किसी विषय पर विस्तार पूर्वक सोचना चाहिए, कि क्या गलत है और क्या सही या ।               


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Hindi Moral Short Story


2 कंजूस मित्र


                                  श्याम सुंदर नाम का एक नवयुवक रायपुर शहर में रहता था और एक कंपनी में नौकरी करता था । उसके गाँव केे मित्र जब काम के सिलसिले में शहर आते तो उसके घर जरूर आते ।एक बार मनोहर लाल नाम का एक मित्र उसके घर आया ।मित्र को देखकर श्याम भौहें सिकोड़ने लगा । यह सब देखकर उसकी पत्नी ने कारण पूछा। उसने अपनी पत्नी को कहा कि यह मेरा मित्र बहुत ही कंजूस है , जब भी आता मुझसे खूब खर्चे करवाता है ।किन्तु अपने जेब से एक फूटी कौड़ी कभी नहीं निकालता । यह सुनकर उसकी पत्नी ने कहा कि आप फिक्र न करें ,मैं आपको एक उपाय बताती हूँ ।


                                 अब श्याम सुंदर अपने कंजूस मित्र को लेकर शहर भ्रमण के लिए निकल गया । वह मित्र उसकी कंजूसी से तंग आ चुका था । इस बार उस मित्र ने उसे सबक सिखाने का सोचा । वह अपने कंजूस मित्र को बाजार ले गया और कहा आपको जो भी खाने की इच्छा है बता सकते हैं , मैं आपके लिए ले दूंगा । 


                               वो एक होटल में गए श्याम ने होटल मालिक से पूछा – भोजन कैसा है ? होटल के मालिक ने जवाब दिया मिठाई की तरह स्वादिष्ट है महाशय । मित्र ने कहा तो चलो मिठाई ही लेते हैं । दोनों मिठाई की दुकान पर गए , मित्र ने पूछा – मिठाइयां कैसी है ? मिठाई बेचने वाले ने जवाब दिया – मधु (शहद ) की तरह मीठी है । श्याम ने कहा तो चलो मधु ही ले लेते हैं । श्याम कंजूस मित्र को शहद बेचने वाले के पास ले गया । उसने शहद बेचने वाले से पूछा – शहद कैसा है ? शहद बेचने वाले ने जवाब दिया – जल की तरह शुद्ध  है ।


                               तब श्याम ने मनोहर से कहा – मैं तुम्हें सबसे शुद्ध भोजन दूंगा । उसने कंजूस मित्र को भोजन के स्थान पर पानी से भरे हुए अनेक घड़े प्रदान किए । कंजूस मित्र को अपनी गलती का अहसास हो गया , वह समझ गया कि यह सब उसे सबक सिखाने के लिए किया जा रहा है । उसने हाथ जोड़कर श्याम से माफी मांगी , श्याम ने भी उसे अपनी बाहों में भर लिया । दोनों हँसी – खुशी वापस घर आए । श्याम की पत्नी ने मनोहर के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार किया । भोजन उपरांत वह वापस गांव लौट आया ।इसके बाद उसने अपनी कंजूसी की आदत हमेशा के लिए छोड़ दी ।

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Hindi Moral Short Story

3 नेकी की राह

                                   शीत ऋतु अपने चरम पर थी । चारों ओर पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ एक सुंदर सा गाँव था । वहाँ एक छोटी लड़की रहती थी । उसे अपने सहेली के घर जाने की इच्छा हुई । वह अपने हाथ में सिर्फ एक रोटी का टुकड़ा लेकर घर से चली , उसने सड़क के किनारे एक बूढ़े को देखा । मैं भूखा हूं ,उसने कहा मुझे कुछ खाने को दो ! लड़की ने उसे रोटी का टुकड़ा दे दिया । वृद्ध ने अपने दोनों हाथ उठाकर उसे आशीर्वाद दिया ।

                                  थोड़ा आगे जाने पर उसे एक छोटा बच्चा मिला , बच्चे ने लड़की से प्रार्थना कि मुझे ओढ़ने के लिए कुछ दो । लड़की ने थोड़ी देर सोचने के बाद झटपट अपना साल निकालकर उसे दे दिया । थोड़ा आगे गई एक बच्चा ठंड से कांप रहा था ,लड़की को उस पर दया आ गई । उसने अपनी मफलर से बच्चे को ढक दिया । थोड़ा आगे चलने के बाद अब वह खुद सर्दी से काँपने लगी ,वह एक पेड़ के नीचे दुबक कर बैठ गई ।

                                 अगले ही पल उसने तारों को आसमान से नीचे गिरते देखा । उसने जब गौर से देखा तो वे सोने के सिक्के थे ,उसका शरीर सुंदर कपड़े से ढक गया , उसके पैरों में जूते थे ,गले में मफलर थी । उसके सामने एक सुंदर सी टोकरी थी , जो फलों और मिठाइयों से भरी हुई थी । भगवान ने उसकी दयालुता के लिए उसे आशीर्वाद और इनाम दिया था ।

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Hindi Moral Short Story

4 चूहा और सूरज 

                               एक बार एक छोटा लड़का जो बर्फ से ढकी पहाड़ी पर रहता था । 1 दिन के लिए नीचे मैदान में आया मैदान में बहुत गर्मी थी । लड़के ने सुंदर फरो का गर्म कोट पहना था । सूरज की गर्मी के कारण उसका ठंड भाग गया । उसने अपना गर्म कोट उतार कर फेंक दिया किन्तु कुछ ही देर में उसका शरीर पसीने से तरबतर हो गया ।

                               उसे सूरज पर बड़ा गुस्सा आया । सूरज का कोई उपयोग नहीं है ,लड़के ने सोचा । वह लड़का बहुत क्रोधित हुआ तथा उसने सूरज को दंड देने का फैसला किया । वह एक तांत्रिक के पास गया और उसे एक जाल बनाने को कहा । अगली सुबह वह पहाड़ी की चोटी पर गया और जैसे ही सूरज ऊपर आया उसने उसे जाल में पकड़ लिया । उस दिन सूर्य उदय नहीं हुआ और जानवर अपने भोजन के लिए नहीं जा सके, उन्होंने देखा कि सूरज जाल में फंसा है ।

                                  तब उन्होंने चूहे को मना बुझा कर जाल काटने भेजा और उस समय चूहा बहुत बड़ा होता था । चूहे ने जाल को अपनी तेज दाँतो से काट दिया और सूरज को आजाद किया । सभी जानवर खुश हो गए लेकिन चूहा सूरज की गर्मी के कारण बहुत छोटा हो गया । यही कारण है कि चूहा अब भी बहुत छोटा है । 

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Hindi Moral Short Story

5 घमंडी पर्वत 

                                    एक जंगल में एक विशाल पर्वत था । एक दिन उस विशाल पर्वत ने जानवरों को देखा , जंगल को देखा और फिर खुद को देखा । उसे अपने आकार पर बहुत घमंड हुआ उसने कहा मैं सबसे शक्तिशाली हूं , मैं ही तुम्हारा ईश्वर हूँ । पर्वत की यह बातें सुनकर सभी जानवरों को बहुत गुस्सा आया । घोड़े ने आगे बढ़कर कहा – ओ घमंडी पर्वत अपने आप पर इतना घमंड मत कर  । एक क्षण में तुम्हें दौड़ कर पार कर सकता हूं , पर घोड़ा लड़घड़ा कर गिर गया ।

                                  पर्वत दिल खोलकर हंसा , इसी तरह हाथी ,ऊँट ,जिराफ सभी ने कोशिश की पर वे पहाड़ का कुछ बिगाड़ नहीं पाए अब सभी जानवरों को अपना दोस्त चूहा याद आया । चूहा पर्वत के पास आया और उसने पर्वत को चुनौती दी । पर्वत ने चूहे का खूब मजाक उड़ाया । चूहे ने मुस्कुराते हुवे पर्वत में छेद बनाना प्रारंभ किया । अन्य चूहों ने भी पर्वत में छेद करना चालू कर दिया । पर्वत घबरा गया उसने सभी जानवरों से माफी मांगी । इस तरह पर्वत के घमंड को एक छोटे से चूहे ने तोड़ दिया 

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Hindi Moral Short Story

6 प्रेम का रिश्ता

                                    एक बार तीन वृद्ध पुरूषों ने एक घर के बाहर रात में आसरा लिया। एक महिला अपने घर से बाहर निकली उसने तीनों वृद्ध लोगों को देखा । महिला ने कहा मैं आप लोगों को जानती तो नहीं किंतु मैं सोचती हूं कि आप भूखे हैं ! 

                                  कृपया अंदर आए और कुछ खा ले । वृद्धों ने कहा हम तीनों साथ – साथ कभी किसी घर में नहीं जाते । महिला ने जानना चाहा ऐसा क्यों  ? एक वृद्ध ने समझाया मेरा नाम प्रेम है , दूसरे का नाम सफलता और तीसरे का नाम संपत्ति है । उसने आगे कहा अब आप अपने परिवार के लोगों से पूछ ले कि हम में से आप किसे अंदर बुलाना चाहेंगे ।

                                 महिला ने अंदर जाकर अपने पति से बात कि उसने कहा – हम सब संपत्ति को बुलाते हैं ; उसकी पत्नी ने असहमति जाहिर की तथा कहा – क्यों ना हम सफलता को बुलाएं  ? अंत में उनकी बेटी ने सलाह दी क्या प्रेम को बुलाना ज्यादा उचित नहीं होगा ? दोनों ने ही अपनी बेटी की इच्छा का मान रखते हुए हामी भर दी ।

                          उन्होंने प्रेम कौन है ? कहकर पुकारते हुए , उसे अंदर आने का आग्रह किया । जैसे ही प्रेम ने घर में प्रवेश किया संपत्ति और सफलता भी उसके पीछे – पीछे घर में आ गए ।  प्रेम ने मुस्कुराते हुए परिवार को कारण समझाया कि जहां प्रेम होता है , वहां सफलता और संपत्ति भी अपने आप आ जाते हैं । परंतु यदि आप संपत्ति या सफलता को बुलाते तो मैं उनके पीछे नहीं आता । जिनके परिवार में प्रेम, और शान्ति होती हैं , उन्हें सफलता और संपत्ति जरूर प्राप्त होता है ।

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7 खारा समुन्दर

                               एक बार एक गांव में दो भाई रहते थे । बड़े भाई के पास एक साधू द्वारा दिया गया एक बर्तन था । वह एक जादूई बर्तन था , जो अपने मालिक की सारी इच्छाएं पूरी चलता था । बड़ा भाई जो कुछ माँगता ,बर्तन उसकी सारी जरुरते पूरी करता था । छोटे भाई को बड़े भाई से जलन होने लगी एक रात वह जादुई बर्तन को चुरा कर , एक नाव में सवार होकर समुद्र के रास्ते भाग निकला ।

                                उसने बर्तन से जो कुछ भी माँगा जादुई बर्तन ने उसे दिया । आखिर उसे रास्ते में भूख लगी जादूई बर्तन ने लजीज व्यंजनों की थाली उसके सामने रख दी । जब उसने खाना शुरू किया भोजन में नमक कम था । उसने बर्तन से नमक की मांग की, बर्तन से नमक निकलना शुरू हुआ लेकिन नमक निकलता ही रहा, बंद करने का मंत्र उसे नहीं आता था ।

                              नाव में नमक भर गया और समुद्र में डूब गया ।कहते हैं आज भी उस बर्तन से नमक निकल रहा है इसलिए समुन्दर का पानी खारा होता है ।

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Hindi Moral Short Story

8 पिंजरे का बंदर 

                               एक समय की बात है एक शरीफ आदमी था । उसके पास एक बंदर था ,वह बंदर के जरिए अपनी आजीविका कमाता था । बंदर कई तरह के करतब लोगों को दिखाता था । लोग उस पर पैसे फेंकते थे , जिसे बंदर इकट्ठा करके अपने मालिक को दे देता था । एक दिन मालिक बंदर को चिड़ियाघर लेकर गया ,बंदर ने वहां पिंजरे में एक और बंदर देखा । लोग उसे देख – देख कर खुश हो रहे थे तथा उसे खाने को फल बिस्किट इत्यादि दे रहे थे । बंदर ने सोचा कि पिंजरे में रहकर भी यह बंदर कितना भाग्यवान है, बिना किसी परिश्रम के ही इसे खाना-पीना मिल जाता है ।

                            उस रात वह बंदर भी भाग कर चिड़ियाघर में रहने पहुंच गया , उसे मुफ्त का खाना और आराम बहुत अच्छा लगा । पर कुछ दिनों में ही बंदर का मन भर गया । उसे अपनी स्वतंत्रता की याद आने लगी, अपनी  आजादी वापस चाहता था । वह फिर चिड़ियाघर से भाग कर अपने मालिक के पास पहुंच गया । उसे मालूम हो गया की रोटी कमाना कठिन होता है , किंतु आश्रित होकर पिंजरे में कैद रहना उससे भी कठिन है । अपने पौरुष से ही मनुष्य की महानता है ,मुफ्त की चीजें लोगों को निक्कमी बना देती है । 

                   ” जिंदगी तो अपने दम पर जिया जाता है यारों , दूसरों के कांधों पर तो सिर्फ जनाजे निकलते हैं ।”

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Hindi Moral Short Story

9 बोलती हुई गुफा 

                               बहुत दिनों की बात है ,जंगल की एक गुफा में शालू नाम का सियार रहता था । वह खाने की तलाश में दिन में बाहर जाता और रात को वापस आता । उसी जंगल में एक बूढ़ा और कमजोर शेर रहता था । एक दिन शेर शिकार कि तलाश में गुफा के पास पहुंचा ।

                              शेर ने कहा – अवश्य ही यहां कोई जानवर रहता होगा मैं उसका इंतजार करता हूं यार रात को लौटा उसने सी के पैरों के निशान देखी सियार में जोर से पुकारा मेरी प्यारी गुफा क्या मैं अंदर आ सकता हूं भूखा था उसे लगा शायद गुफा सियार से रोज बात करती हे सीने कहा हां अंदर आ जाओ सी की दहाड़ सुनकर सियार वहां से भाग गया और अपनी जान बचाई 

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Hindi Moral Short Story 

 एक बिल्ली स्वर्ग में 

                         एक समय की बात है कि , मृत्यु के पश्चात एक बिल्ली स्वर्ग में पहुंचा । ईश्वर ने उसका स्वागत किया और कहा तुम कोई एक इच्छा कर सकती हो ,जो मैं पूरी करूंगा । बिल्ली ने कहा वह एक आरामदायक पलंग चाहती है , जहां कोई तंग ना करें ।

                        ईश्वर ने उसकी प्राथना स्वीकार की , कुछ दिनों पश्चात  कुछ चूहे मर गए वे भी स्वर्ग पहुंची । ईश्वर ने उन्हें भी एक वरदान मांगने को कहा । चूहोे ने पहिए वाली जूतों की मांग की जिससे वे भी स्वर्ग में तेज गति से इधर – उधर घूम सके । ईश्वर ने उनकी इच्छा पूरी की । कुछ दिनों पश्चात ईश्वर ने बुल्ली से पूछा – तुम्हें स्वर्ग में कैसा लग रहा है ? बिल्ली ने उत्तर दिया – बहुत अच्छा सबसे अच्छी लगी आप की पहियों पर भोजन व्यवस्था

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नेवला और ब्राह्मण की पत्नी Wife of Brahman and Mongoose Story Hindi


एक ब्राह्मण, उसकी पत्नी और उसका लड़का एक छोटे से गांव में रहते थे। उनके पास एक पालतू नेवला था जो उनके साथ रहता था। एक दिन, जब ब्राह्मण काम पर था, उसकी पत्नी ने बच्चे को पालने में छोड़ दिया और पानी का एक बर्तन लाने के लिए चली गयी ।
जब तक वह बाहर गई , उसने नेवले को बच्चे की देखभाल करने के लिए कहा। जब नेवला बच्चे की देखरेख कर रहा था, उसी समय घर में एक सांप आ गया। जैसे ही नेवले ने सांप को देखा उसने उस पर आक्रमण कर दिया और उसे मार दिया।
जैसे ही ब्राह्मण की पत्नी पानी का बर्तन लेकर घर लौटी। नेवले ने उसके मुंह पर रक्त के साथ खुशी से उसका स्वागत किया। महिला उसे देख कर डर गई, और उसने सोचा कि नेवले ने बच्चे को मार दिया है। बिना कुछ सोचे समझे घुस्से से, महिला ने नेवले पर पानी के बर्तन को गिरा दिया और एक छड़ी से उसे मार दिया। बाद में वह अंदर गई और बच्चा खुशी से पालने में खेलता मिला।
महिला को एहसास हुआ कि उसने यह क्या किया और उसे बिना सोचे-समझे कर्म के लिए पश्चाताप हुआ ।

कहानी से शिक्षा


कुछ भी बड़ा करने से पहले सोच समझकर कदम उठाना चाहिए। बिना किसी चीज को अपनी आँखों से देखे ना मानें।
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प्यासे कौवे की कहानी Thirsty crow story in Hindi


गर्मियों का दिन था। एक कौवा आसमान में पानी की तलाश में इधर- उधर भटक रहा था। उसे बहुत तेज की प्यास लग हुई थी। लेकिन उसके कहीं भी पानी नही मिल रहा था। गर्मी होने के कारण वह बहुत ही बेहाल हो रहा था। उसे ऐसा लग रहा था कि अगर उसे पानी न मिला, तो वो मर जायेगा।
वो उड़ते-उड़ते एक गाव में जा पहुंचा, कौआ घरों, खेतों और पेड़ों के आस पास उड़ रहा था। लेकिन उसे कहीं पानी नहीं मिल रहा था। बहुत समय बाद, वह एक खेत की तरफ गया। वही एक खेत में एक पेड़ के नीचे पानी का एक घड़ा रखा हुआ था। पानी के घड़े को देख कर वह बहुत खुश हो गया। 
वो तुरंत घड़े के पास गया पानी पीने के लिए उसने घड़े में देखा। तो उसमें बहुत कम पानी था। कौवे ने घड़े के अंदर अपनी चोंच लगाई लेकिन पानी बहुत कम था इसलिए उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुंच सका। पानी का स्तर बहुत कम था,  और घड़े का मुह बहुत कम था इसलिए उसकी चोंच नीचे नही जा पा रहा था।
ये देखकर कौवा और भी परेशान हो गया। वो इधर-उधर देख रहा था कि शायद और कहीं पानी मिल जाए और वो अपनी व्यास बुझा सके। लेकिन और कहीं पानी नही मिल रहा था। वो फिर से उस घड़े के पास आया और पानी पीने के लिए उसने घड़े को धकेलने की भी कोशिश की, लेकिन मटका भारी था इसलिए उसका पानी ज़मीन पर नही गिर रहा था।
वो बहुत परेशान था, उसके आस-पास कहीं और पानी नही था, जिस घड़े में पानी था उसमे बहुत था। बहुत देर तक पानी पीने की कोशिश करने के बाद वह बहु थक गया था। लेकिन फिर भी वो पानी नही पी पा रहा था। कुछ समय के बाद वो पानी की तलाश में कहीं और जाने वाला था। लेकिन अचानक से उसकी नजर थोड़ी पड़े छोटे-छोटे कंकडो पर पड़ी जो घर बनने के लिए पड़ी हुई थी।
इन छोटे कंकड़ और पत्थर को देख कर कौवे के दिमाग एक उपाय सूझा। वह तुरंत ही कंकड़ और पत्थर के पास गया और वहां से एक एक कंकड़ को लाकर घड़े में डालना शुरू कर दिया।
कुछ देर तक कौवे ने लगातार कंकड़ को घड़े में डालता रहा। थोड़ी देर की कड़ी मेहनत से पानी का स्तर ऊपर आने लगा।  कुछ समय बाद पानी ऊपर आ गया। इसके बाद कौवे ने जी भर कर पानी पिया और अपनी पानी के प्यास कोई बुझाई।
पानी पीने के बाद कौवे को बहुत आराम मिला। वही थोड़ी देर आराम करने के बाद वो अपने भोजन की तलाश में वहां से ख़ुशी से उड़ गया।

इस कहानी से क्या सीख मिलती है Moral Of this Story

दोस्तों आपको इस प्यासे कौवे की कहानी सुनने के बाद क्या सीख मिलती है आप यही सोच रहे होंगे। तो मैं आपको बता दूँ कि हमें कभी पानी परेशानियों से से हार नही मानना चाहिए। और हमें अपने बुरे परिस्थितियों में अपने परेशानियों के हल के बारे में सोचना चाहिए।
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सारस और केकड़ा की कहानी Stork and Crab Story in Hindi


एक बूढ़े और चालाक केकड़े को मछली पकड़ने में मुश्किल हो रही थी। भूख से बचने के लिए, और आसानी से भोजन पाने के लिए उसने एक योजना बनाई वह एक दिन उदास चेहरे के साथ नदी के किनारे पर बैठ गया।
पूछे जाने पर, सारस ने यह आगाह किया कि एक अकाल होगा, और तालाब में सभी जानवर जल्द ही मरेंगे। भोली-भाली मछलियाँ सारस पर विश्वास करती थी और उसने उसकी मदद मांगी क्योंकि मछलियाँ तो किसी अन्य जगह नहीं जा सकती हैं। सारस खुशी से अपने मुंह में मछली ले जाने के लिए सहमत हो गया और उन्हें पहाड़ों के पास एक दुसरे झील में छोड़ने के लिए राज़ी हो गया।
इस तरह सारस झूठ ल कर एक-एक करके सभी मछलियों को खाने लगा और अपना पेट भरने लगा। एक दिन उसने एक केकड़ा खाने का फैसला किया और उसे अपनी पीठ पर ले गया। रास्ते में केकड़े ने जब पास एक बंजर भूमि पर बहुत सी मछलियों के कंकाल को देखा और इसके बारे में सारस से पूछा।
तो सारस ने गर्व से स्वीकार किया कि वह सभी मछलियों को खा गया है और अब वह उस केकड़े को खा जाएगा। उस केकड़े ने यह सुनकर जल्दी से एक काम किया और अपने पंजो की मदद से सारस को मार डाला और अपना जीवन बचा लिया।

कहानी से शिक्षा

अफवाह पर विश्वास मत करें अभिनय से पहले जानकारी की प्रामाणिकता की जांच करें। जब तक अपनी  आँखों से ना देखलें किसी की भी बात पर विश्वास ना करें।





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